अनिता मंदिलवार मंदिलवार, व्याख्याता साहित्यकार, अंबिकापुर सरगुजा छत्तीसगढ़ से

Monday, 5 July 2021

चक्रव्यूह- अनिता मंदिलवार सपना

 


चक्रव्यूह 


चक्रव्यूह रचते हैं  देखो तो

छुप छुप कर लोग यहाँ  ।

अर्जुन  बनना है अब तो

चक्रव्यूह तोड़ना है सारे ।।


अनिता मंदिलवार "सपना" 


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