अनिता मंदिलवार मंदिलवार, व्याख्याता साहित्यकार, अंबिकापुर सरगुजा छत्तीसगढ़ से

Wednesday, 7 July 2021

बहनें-अनिता मंदिलवार सपना

 


बहनें 


बहनें कैसी होती हैं ।

बहनें ऐसी होती हैं ।।


बहनें होती हैं पुनीता

नाम है जिनका सुनीता

निराशा के भंवर में भी

आशा बनती है अनीता


बहनें ऊर्जा का संचार

परिवार का आधार

आपस का देखो प्यार 

मिश्रण ममता और दुलार


उनकी आपस की बातें 

बीते सारी सारी रातें 

यादों का खुले पिटारा

जब सब संग रह पातें


दूर रहे या पास रहे

ह्रदय में आभास रहे

मन से दूर कभी नहीं 

सपना  सायास रहे 


अनिता मंदिलवार "सपना" 



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