आज चाय दिवस पर
एक कप चाय और तुम
जब एक कप चाय
के साथ
बालकनी में बैठती हूँ
सामने पेड़ो पर
चिड़िया चहकती
दिखाई देती है
सावन माह में
रिमझिम बरसात की बूँदें
सुंदर संगीत का
आभास कराती है
और तुम्हारी याद
अनायास ही
मन मस्तिष्क में
चली आती है
तुम नहीं होकर भी
पास होते हो
एक कप चाय के साथ
और अपनी प्यारी सी
आवाज के साथ
जब कहते हो
सपना, कहीं तुम
सचमुच सपना तो नहीं
चाय का स्वाद
बढ़ जाता है
और मुस्कान होठों पर
बरबस चली आती है •••!
अनिता मंदिलवार सपना
अंबिकापुर सरगुजा छतीसगढ़

वाह बहुत सुंदर..
ReplyDeleteबहुत बढ़िया👌
ReplyDeleteसच एक कप चाय में कितना प्यार छुपा होता है
ReplyDeleteबहुत सुन्दर
बहुत खूब दीदी
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