हम
मैं
और तुम
अब हैं हम
हम शब्द
एहसास दिलाता है
दो व्यक्तियों के लिए
समाज, परिवार
और देश के लिए
आज देश को
जरूरत है हम बनें
हम कोशिश करें
मैं रहकर हम बनने की
साथ होकर
एक हुए हमेशा
कामयाब हुए
क्योंकि
एकता में शक्ति होती है
ऐसा पढा, देखा,सीखा हमनें
तो आइए आज हम
साथ न होकर भी
साथ निभायें अपनों के
देश के प्रति
अपनी जिम्मेदारी निभायें
यही तो प्रेम है
देश प्रेम
जिसने हमें सब दिया है
अब हमारी बारी है ।
अनिता मंदिलवार सपना
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